कबीर परमेश्वर को खूनी हाथी से मरवाने की कूचेष्टा की गई लेकिन परमेश्वर कबीर जी के फूल तक की चोट नहीं आई क्योंकि वह समरथ परमात्मा थे
Sunday, May 31, 2020
5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस
परमेश्वर कबीर जी को उबलते हुए तेल के कढ़ाए में डालकर मारने की नाकाम कोशिश की गई लेकिन वह परमेश्वर अजर, अमर और अविनाशी थे
Saturday, May 30, 2020
5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस
सर्व सृष्टि के पालनकर्ता कबीर परमेश्वर जी अपने नियमानुसार प्रत्येक युग में इस धरती पर अपनी भक्त आत्माओं में पुनः भक्ति बीज को उजागर करने के लिए सशरीर सतलोक से चलकर आते हैं
जो लीला आज से 600 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर जी किया करते थे तथा उनके ज्ञान का जवाब ज्ञान से ना देकर उनके साथ वाद-विवाद करते थे ठीक वहीं स्थिति आज संत रामपाल जी महाराज के साथ हो रही है
दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक Jeene-ki-rah.pdf आप भी इसे जरूर पढ़ें
Friday, May 29, 2020
5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस
कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में अपने निज लोक सतलोक से चलकर इस धरती पर सशरीर अवतरित होते हैं और सत भक्ति के मंत्रों का आविष्कार करते हैं
Tuesday, May 19, 2020
जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए जा रहे पवित्र कार्य ➖
21वी सदी आधुनिक युग में एक तरफ दुनिया भगवान की संविधान को भूलकर नास्तिक होती जा रही है आधुनिक युग की दौड़ में आज का युवा भ्रमित हो चुका है वह अपने समाज और कुल की मर्यादाओं को भी भूल चुका है अश्लीलता ने पूरी दुनिया में पैर पसार लिए हैं ऐसे में लोग भगवान को भूल चुके हैं
वही दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने उन लोगों में भगवान के प्रति विश्वास को पुनः जागृत किया है और समाज में एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य किए हैं और कोरोना जैसी महामारी के चलते निशुल्क भंडारे का वितरण भी कर रहे हैं
21वीं सदी में एक तरफ जहां लोग महंगी शादी करना पसंद करते हैं और अरबों रुपए दहेज में खर्च करते हैं जिससे माता-पिता पूरी उम्र तक दुख पाते हैं अरबों रुपया दहेज में देकर कर्ज़ मोल ले लेते हैं जिस कारण से उनको टेंशन घेर लेती है और फिर वे नशा करने लगते हैं जिस कारण से लोगों में बेचैनी और अशांति बनी हुई है
लेकिन वहीं दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य कर दिखाए हैं
चाहे दहेज प्रथा को मिटाना हो, नशे जैसी बीमारी को समाप्त करना हो, समाज में बढ़ते अपराधों चोरी - जारी, रिश्वतखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और भ्रष्टाचार को समाप्त करना हो इत्यादि
Thursday, May 14, 2020
भारत का पुनरुत्थान
भारत को पूर्व में सोने की चिड़िया कहा जाता था क्योंकि भारतवर्ष पर शुरू से ही संतों की कृपा रही है
सन 1950 से पहले भारत में चोरी - जारी, लूटा खसोट, दंगे और अपराध बिल्कुल भी नहीं होते थे लेकिन 1950 के बाद भारत में जैसे ही शिक्षा ने कदम रखा तो उसके बाद से ही लोगों में अशांति नजर आने लगी है
वर्तमान में इस शिक्षा ने युवा वर्ग को पूरी तरह से बेचैन कर रखा है लोगों में आपसी प्यार नहीं रहा समाज में चोरी - जारी, व्यभिचारी, लूट खसोट और अपराध बढ़ गए हैं
इस विज्ञान ने हमें नास्तिक बना डाला हमें भगवान से कोसों दूर कर दिया लेकिन वहीं दूसरी तरफ भारतवर्ष में जन्में एक संत ने लोगों में भगवान के प्रति विश्वास को पुनः जागृत किया है और वेदों और शास्त्रों की यथार्थता से समाज को परिचित करवाया है
जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से अब समाज में अपराधों में गिरावट आई है संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि व्यभिचार करने वाला रिश्वतखोरी लूट खसोट करने वाले प्राणी का कभी उद्धार नहीं हो सकता वह अपने जीवन में कभी खुश नहीं रह सकता संत जी के तत्वज्ञान से अब समाज में एक बार फिर से लोगों में धार्मिक भावनाएं जागृत हुई है
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक ज्ञान से अब भारत फिर से सोने की चिड़िया और विश्वगुरु के रूप में विख्यात होगा
Tuesday, May 12, 2020
बीमारी उसका कारण और इलाज
मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती है बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती हैं (कैंसर,कोविड-19, टीबी, एड्स आदि)
या हम यूं कहें की कोई भी दुख कोई भी रोग हमें तीन ताप के कारण होता है और तीन ताप का नाश केवल कबीर परमात्मा ही कर सकते हैं
पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है
मनुष्य के बुरे कर्म जब बढ़ जाते हैं तो प्रकृति उससे नाराज हो जाती है और फिर उस पर कहर बरसाना शुरू कर देती है
ब्रह्मा विष्णु महेश पाप कर्म को नहीं काट सकते मृत्यु शैया पर पहुंच चुके रोगी को ये जिंदा नहीं कर सकते क्योंकि ये सीमित शक्ति के भगवान हैं वह असीमित शक्ति के भगवान तो कबीर परमेश्वर है जो किसी भी खतरनाक बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकते हैं
ऋग्वेद मंडल नंबर 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में लिखा है कि यदि रोगी मृत्यु के निकट पहुंच गया हो तो भी पूर्ण परमात्मा (कविर्देव) अपनी शरण में आए हुए साधक के रोग को नष्ट करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है
पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के अवतार जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर भक्ति करने से असाध्य रोग से ग्रसित व्यक्ति भी तुरंत ठीक हो जाता है
अधिक जानकारी के लिए देखिए 👉साधना टीवी चैनल प्रतिदिन शाम 7:30 बजे
मनुष्य जीवन को सफल बनाने के लिए व समस्त बुराइयों व बीमारियों से निदान पाने के लिए तथा सुखमय जीवन जीने के लिए संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा ग्रहण करें।
जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नाम दीक्षा लेने के लिए कृपया यह फॉर्म भरें 👇🏻
Visit 👉www.jagatgururampalji.org
Friday, May 8, 2020
Secret of Vedas
सूक्ष्म वेद (स्वसमवेद बोध)
पवित्र हिंदू धर्म के साथ-साथ अन्य धर्मों में भी पवित्र वेदों को विशेष माना जाता है पवित्र चारों वेद पूर्ण परमात्मा की महिमा का ही बखान करते हैं लेकिन इन चारों वेदों में वर्णित विधि से पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति सूक्ष्मवेद में वर्णित विधि से होती है जिसके विषय में पवित्र श्रीमदभगवद गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन उस तत्वज्ञान को जो सूक्ष्म वेद में वर्णित है उस ज्ञान को तू तत्वदर्शी संत के पास जाकर समझ वह तत्वदर्शी संत तुझे उस परमात्म तत्व का ज्ञान कराएंगे
पवित्र गीता अध्याय 15 के श्लोक 4 में भी कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के पश्चात परमेश्वर के उस परमपद की खोज करनी चाहिए जहां जाने के बाद साधक कभी लौटकर इस संसार में नहीं आते अर्थात पूर्ण मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं
सृष्टि के प्रारंभ में सागर मंथन के दौरान ज्योति निरंजन (काल) ब्रह्म (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के पिता की श्वासों के माध्यम से चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) प्रकट हुए थे तब ज्योति निरंजन, (ब्रह्म) ने देखा कि इन वेदों में तो पूर्ण परमात्मा की संपूर्ण जानकारी लिखी हुई है तब उसने पूर्ण परमात्मा के विशेष ज्ञान को इन वेदों में से हटा दिया यानी सूक्ष्म वेद के रहस्य को समाप्त कर दिया
जब इस काल भगवान ने पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर के यथार्थ ज्ञान को वेदों में से समाप्त कर दिया था तब उस परमेश्वर ने उसी पांचवे वेद (जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं) का ज्ञान ज्यों का त्यों बताने के लिए स्वयं इस पृथ्वी लोक पर अवतरित होते हैं कवियों की तरह आचरण करते हैं और अपना ज्ञान अपने मुख कमल से दोहो, लोकोक्तियों और चौपाइयों के माध्यम से सुनाते हैं और परमेश्वर के उस ज्ञान को महापुरुषों द्वारा संग्रहित कर लिया जाता है और फिर उसे एक ग्रंथ का रूप दे दिया जाता है जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं
इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी अपनी महिमा और सतलोक के बारे में यथार्थ जानकारी देते हैं
कबीर परमेश्वर जी कहते हैं कि
वेद मेरा भेद है मैं ना मिलूं वेद से नाही
और जोन वेद से मैं मिलूं ये वेद जानते नाहीं
अर्थात इन चारों वेदों में (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का पूर्ण ज्ञान नहीं है इनके अलावा एक सूक्ष्म वेद और है जिसमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति यानी काल जाल से मुक्त होने का रास्ता बताया गया है कबीर परमेश्वर के ज्ञान की पहचान इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से होती है
पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में इस धरती पर अवतरित होते हैं वे सशरीर आते हैं और सशरीर चले जाते हैं उनकी परवरिश के लिए कंवारी गायों से होती है अर्थात कुंवारी गायों के दूध से ही उनका पालन पोषण होता है
कबीर परमात्मा अपना मुख्य उद्देश्य लेकर इस धरती पर अवतरित होते हैं और वे बचपन से ही बड़े-बड़े ऋषि महर्षियों के अध्यात्म ज्ञान में छक्के छुड़ा देते हैं उनके तत्वज्ञान के सामने कोई भी ऋषि महर्षि टिक नहीं पाते और वे प्रत्येक युग में अपनी प्यारी आत्माओं को मिलते हैं तथा उनको सतलोक अपना निज धाम दिखाते हैं पूर्ण अध्यात्म ज्ञान से परिचित करवाते हैं और फिर उनको अपना गवाह तैयार कर लेते हैं
कबीर परमेश्वर जी कहते हैं
जो देखेगा मेरे धाम को
सो जानत है मुझ
सूक्ष्म वेद के माध्यम से परमेश्वर ने बताया है कि
हिंदू तुरक आदिक सब जेते जीव जहान
सतनाम की साख गहै पावैं पद निर्बान
यथा सरीतगण आपही मिलै सिंधु में धाय
सत सुकृत के मध्य तिमी सबही पंथ समाय
कबीर परमेश्वर जी ने इस वाणी के माध्यम से बताया है कि जिस प्रकार से वर्षा के दिनों में छोटी मोटी नदी नाले सभी मिलकर एक दरिया का रूप ले लेते हैं यानी सभी छोटी मोटी नदियां भी उस समय एक बड़ी नदी का रूप धारण कर लेते हैं अर्थात उसी बडी दरिया में समा जाते हैं ठीक इसी प्रकार कबीर परमेश्वर जी ने बताया है कि जब मेरा अंश कलयुग में अवतार लेगा यानी जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब ये सभी नकली पंथ जो भिन्न-भिन्न नाम से चल रहे हैं उस समय ये सभी मेरे द्वारा चलाए गए असली कबीर पंथ में इस प्रकार आकर समा जाएंगे जैसे छोटी मोटी नदी नाले एक बड़ी दरिया में समा जाते हैं
सबही नर नारी शुद्ध तब जब ठीक का दिन आवंत
कपट चातुरी छोड़कर शरण कबीर गहंत
एक अनेक हो गए पुनः अनेक हो एक
हंस चलैं सतलोक को सब सतनाम की टेक
घर-घर बोध विचार हो दुर्मति दूर बहाए
कलयुग एक है सोई बरतै सहज सुभाए
कहां उग्र कहां शूद्र हो हर सबकी भवभीर
सो समान समदृष्टि है समरथ सत्य कबीर
जबलग पूर्ण होए नहीं ठीक का तिथी वार
कपट चातुरी तबहिलों स्वसमवेद निराधार
सूक्ष्म वेद की इस वाणी के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी ने बताया है कि धर्मदास जो मैं आज यह बात कह रहा हूं कि यह सभी पंथ समाप्त हो जाएंगे एक ही कबीर पंथ रह जाएगा एक ही भगवान की भक्ति किया करेंगे और कपट, चतुराई, रागद्वेष, चोरी - जारी सभी प्रकार के झगड़े समाप्त हो जाएंगे जाति धर्म के भेदभाव समाप्त हो जाएंगे घर-घर में पूर्ण परमात्मा की भक्ति किया करेंगे और सभी नर और नारी शुद्ध हो जाएंगे उनमें दोष नहीं रहेगा तो ये मेरा वचन सूक्ष्म वेद के माध्यम से कही गई ये वाणी जब तक कलयुग 5505 वर्ष नहीं बीत जाएगा तब तक तो यह निराधार ही नजर आएंगे और जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब ये वाणी सच साबित होगी
पांच सहंस अरू पांच सो जब कलयुग बीत जाए
महापुरुष फरमान तब जग तारण को आए
इस वाणी के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी कह रहे हैं कि हे धर्मदास जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब उस समय एक महापुरुष अवतार लेगा जो पूरे विश्व का कल्याण करेगा उस महापुरुष के बारे में दुनिया भर के विश्वविख्यात भविष्यवक्ताओं ने भी भविष्यवाणी कर कहां है कि 1950 के बाद भारतवर्ष में जन्मा एक संत पूरी दुनिया को बदल डालेगा
🎇नार्वे के भविष्यवक्ता आनंदाचार्य ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि एक शक्तिशाली संस्था भारत में प्रकाश लाएगी जिसका स्वामी ग्रहस्त परिवार मे जन्मा संत होगा
उस महान संत का ज्ञान पूरे विश्व को मानना पड़ेगा
🎇जयगुरूदेव पंथ के प्रवर्तक संत तुलसीदास जी ने साकाहारी पत्रिका में 28 अगस्त 1971 को एक भविष्यवाणी लिखी है कि उस महापुरुष का जन्म भारतवर्ष के एक छोटे से गांव में हो चुका है और वह मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बनेगा उस महापुरुष को इतना बड़ा समर्थन प्राप्त होगा कि आज तक किसी को नहीं मिला
🎇प्रसिद्ध भविष्यवक्ता डॉक्टर जुलर्वन ने कहा है कि भारत से उठी ज्ञान की क्रांति नास्तिकता को खत्म करके आध्यात्मिकता को बढ़ावा देंगी और उस महान संत के अनुयाई देखते ही देखते एक संस्था के रूप में संपूर्ण विश्व पर अपना प्रभाव जमा लेंगे
इसके अलावा
🎇फ्रांस के सुप्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने कहा है कि मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि आप उस महान संत की अपेक्षा ना करें उसे आराध्य देव मानकर पूजा करना आपके लिए बहुत हितकारी होगा क्योंकि वह आदि पुरुष पूर्ण परमात्मा का अंश दुनिया का तारणहार होगा
सूक्ष्म वेद में आगे परमेश्वर ने बताया है कि
बारहवें पंथ प्रगट हवै वाणी
शब्द हमारे का निर्णय ठानी
अस्थिर घर का मर्म ना पावे
ये बारह पंथ हमहीं को ध्यांवैं
बाहरवें पंथ हम ही चल आवैं
सब पंथ मिट एक ही पंथ चलावै
प्रथम चरण कलयुग निरयाना
तब मगहर मांडौ मैदाना
धर्मराय से मांडौ बाजी
तब धरि बोधो पंडित काजी
बावन वीर कबीर कहाऊं भवसागर से जीव मुकताऊं
सूक्ष्म वेद में परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि
चौथा युग जब कलयुग आई तब हम अपना अंश पठाई
काल फंद छूटै नर लोई
सकल सृष्टि परवानिक होई
घर-घर देखो बोध विचारा
सत्यनाम सब ठोर उचारा
पांच हजार पांच सौ पांचा
तब यह वचन होगा सांचा
कलयुग बीत जाए जब येता
सब जीव परम पुरुष पद चेता
अर्थात कबीर परमेश्वर जी धर्मदास जी को मिले उनको तत्वज्ञान से परिचित करवाया तब परमेश्वर ने कहा था कि धर्मदास जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा ये सभी 12 नकली पंथ समाप्त हो जाएगे फिर उसी 12वें पंथ में आगे हम ही चलकर आएंगे और एक ही कबीर पंथ चलेगा और उसी से पूरे विश्व का कल्याण होगा
कबीर परमेश्वर जी ने धर्मदास जी से कहा था कि एक बार कलयुग में जो मैंने ठीक का समय निर्धारित कर रखा है वो समय आने दे तब अचानक से इस ज्ञान का विस्फोट होगा उसके बाद धर्मदास जी को परमेश्वर कबीर जी पर पूर्ण विश्वास हुआ और परमेश्वर जी ने धर्मदास जी को नाम उपदेश दे दिया और सतनाम सारनाम का भेद भी बता दिया
तब परमेश्वर ने धर्मदास जी से कहा था कि
धर्मदास मेरी लाख दुहाई
ये मूल ज्ञान कहीं बाहर ना जाही
मूल ज्ञान बाहर जो परही बिचली पीढी हंस नहीं तरही
पवित्र ज्ञान तुम जग में बांटो मूल ज्ञान गोई तुम रांखो
इस मूल ज्ञान को तुम तब तक छुपाई
जब तक द्वादश पंथ ना मिट जाई
कबीर परमेश्वर जी ने धर्मदास जी से यह कसम दिलाई थी कि धर्मदास तुझे मेरी लाख बार कसम है यदि तूने इस सतनाम और सारनाम को उजागर कर दिया तो बिचली पीढ़ी यानी कलयुग मैं जो मैंने ठीक का समय निर्धारित कर रखा है उस समय ये जीव पार नहीं हो पाएंगे इसलिए जब तक कलयुग में काल द्वारा चलाए गए 12 नकली पंथ समाप्त नहीं हो जाए तब तक तू इस सतनाम और सारनाम के भेद को गुप्त रखना
परमेश्वर कबीर जी ने कलयुग को तीन चरणों में बांटा है
प्रथम चरण - जब परमेश्वर 1398 में काशी (बनारस) में आए थे और 1518 में मगहर से सशरीर सतलोक चले गए थे वह कलयुग का प्रथम चरण था
उसके बाद कलयुग 5505 वर्ष जब समाप्त होगा तब कलयुग का दूसरा चरण शुरू होगा वर्तमान में कलयुग का दूसरा चरण चल रहा है
तथा अंतिम चरण कलयुग के अंत में होगा
वेदों में पूर्ण परमात्मा की पहचान ➖
पवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह सर्वोत्पादक प्रभु , सृष्टि की रचना करने वाला, पाप कर्मो को हरण करने वाला राजा के समान दर्शनीय है 👉इससे सिद्ध हुआ कि परमात्मा साकार है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 86 मंत्र 17 18 ,19 और 20 में प्रमाण है कि परमात्मा कबीर साहेब है
अथर्वेद कांड नंबर 4 अनुवाद 1 मंत्र 7 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है
यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 1 ,6 और 8 में प्रमाण है कि परमात्मा साकार है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह परमात्मा पृथ्वी आदि लोकों के चारों तरफ शब्दायमान हो रहा है और वह अच्छी आत्मा को जो दृढ़ भक्त हैं उनको प्राप्त होता है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 94 श्लोक 4 में लिखा है कि वह परमात्मा अपने भक्तों को ज्ञान देने के लिए सशरीर आता है और सशरीर चला जाता है
पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है
ऋग्वेद मंडल 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब शास्त्र अनुकूल साधना करने वाले साधक के असाध्य रोग को ठीक करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है
अवश्य देखिए 👉साधना टीवी चैनल रात्रि 7:30 बजे
पवित्र कुरान शरीफ सुरत फुर्कानी 25 आयत नंबर 52 से 59 में स्पष्ट लिखा है कि यह कबीर अल्लाह वही समरथ परमात्मा है जिसने संपूर्ण सृष्टि की रचना 6 दिन में की
अपने जीवन को सफल बनाने के लिए आज ही जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर मानव जीवन को सफल बनाएं और सभी बुराईयो से छुटकारा पाकर सुखी जीवन जिएं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुफ्त नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकरण करें ...
👇 http://bit.ly/NamDiksha
दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक जीने की राह आप भी इसे जरूर पढ़ें
👇
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
Cure Cancer by true worship
तकनीक की नई दुनिया 21वी सदी में भी मानव आज कैंसर जैसी बीमारी का इलाज नहीं ढूंढ पा रहा है और इस कैंसर जैसी भयानक बीमारी के कारण दुनियाभर में लाखों लोग अपनी जान गवां चुके हैं
लेकिन इसी बीच कैंसर से पीड़ित लोगों से हम यह अपील करते हैं कि आप अपनी साधना को बदल कर देखिए आप शास्त्रअनुकूल साधना करके देखिए हम आपको गारंटी देते हैं की सच्ची भक्ति करने से आपकी कैंसर, एड्स और टीबी जैसी खतरनाक बीमारियां तुरंत समाप्त हो जाएगी
क्योंकि परमेश्वर के गुणों में लिखा है कि वह पूर्ण परमात्मा साधक के घोर से घोर पाप को भी नाश कर देता है और मृत्यु सीमा के निकट पहुंच गए साधक को भी जिंदा करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है यह समर्थ भगवान के गुण होते हैं
अपने जीवन को सफल बनाने के लिए आज ही जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर मानव जीवन को सफल बनाएं और सभी बुराईयो से छुटकारा पाकर सुखी जीवन जिएं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुफ्त नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकरण करें ...
http://bit.ly/NamDiksha
दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक जीने की राह आप भी इसे जरूर पढ़ें
👇
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
Thursday, May 7, 2020
नशा एक अभिशाप है
नशा नाश का मूल कारण है आज ही इस खतरनाक बीमारी से छुटकारा पाएं
👉संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ग्रहण करें
👉साधना टीवी चैनल 7:30 pm
Visit 👉www.jagatgururampalji.org
नशा सर्वप्रथम शरीर के चार महत्वपूर्ण अंगों ह्रदय, यकृत, किडनी और फेफड़ों को पूरी तरह से चकनाचूर कर देता है इस बीमारी से आज ही निजात पाए
संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ग्रहण करें
अपने जीवन को सफल बनाने के लिए आज ही जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर मानव जीवन को सफल बनाएं और सभी बुराईयो से छुटकारा पाकर सुखी जीवन जिएं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुफ्त नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकरण करें ...
http://bit.ly/NamDiksha
दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक जीने_की_राह आप भी इसे जरूर पढ़ें
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
Wednesday, May 6, 2020
नशा नाश का मूल कारण है
नशा नाश का मूल कारण है आज ही इस नशे जैसी गंदी लत से छुटकारा पाएं
जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ग्रहण करें
और अधिक जानकारी के लिए देखिए
👉साधना टीवी शाम 7:30 बजे
Visit 👉www.jagatgururampalji.org
नशा सर्वप्रथम शरीर के चार महत्वपूर्ण अंगों ह्रदय, फेफड़े, किडनी और यकृत को पूरी तरह से चकनाचूर कर देता है और फिर घर परिवार को बर्बाद कर देता है
अपने जीवन को सफल बनाने के लिए आज ही जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर मानव जीवन को सफल बनाएं और सभी बुराईयो से छुटकारा पाकर सुखी जीवन जिएं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से मुफ्त नाम की दीक्षा लेने के लिए कृपया नीचे दिए गए फॉर्म को भरकर आज ही पंजीकरण करें ...
http://bit.ly/NamDiksha
दुनिया की सबसे अधिक डाउनलोड की जाने वाली सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक बुक जीने_की_राह आप भी इसे जरूर पढ़ें
👇
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
Saint Rampal Ji Can End Of Corona pandemic
The devotion told by Saint Rampal Ji Maharaj also cures the terrible disease like cancer, AIDS.
For more information, watch 👉Sadhna TV channel daily at 7:30 pm
Visit 👉www.jagatgururampalji.org
The incessant devotion told by Saint Rampal Ji Maharaj can overcome the incurable disease like corona.
Must watch 👉 Sadhna TV channel 7:30 pm
You must also read the world's most downloaded most popular spiritual book, Jeene_Ki_Rah.
👇
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
https://www.jagatgururampalji.org/way-of-living.pdf
For more information, watch 👉Sadhna TV channel daily at 7:30 pm
Visit 👉www.jagatgururampalji.org
The incessant devotion told by Saint Rampal Ji Maharaj can overcome the incurable disease like corona.
Must watch 👉 Sadhna TV channel 7:30 pm
You must also read the world's most downloaded most popular spiritual book, Jeene_Ki_Rah.
👇
https://www.jagatgururampalji.org/jeene-ki-rah.pdf
https://www.jagatgururampalji.org/way-of-living.pdf
Subscribe to:
Comments (Atom)
Our savior is the God kabir
मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती है बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती हैं (कैंसर,क...
-
अब्राहिम सुल्तान अधम ➖ एक समय की बात है कबीर परमेश्वर जी जब इस धरती पर अवतरित हुए थे तब सेऊ, समन और नेकी ने उनकी शरण ग्रहण की थी। तथा परमेश्...
-
कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में अपने निज लोक सतलोक से चलकर इस धरती पर सशरीर अवतरित होते हैं और सत भक्ति के मंत्रों का आविष्कार करते हैं ...
-
21वी सदी आधुनिक युग में एक तरफ दुनिया भगवान की संविधान को भूलकर नास्तिक होती जा रही है आधुनिक युग की दौड़ में आज का युवा भ्रमित...

