Wednesday, August 5, 2020

Our savior is the God kabir

मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती है बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती हैं (कैंसर,कोविड-19, टीबी, एड्स आदि)
या हम यूं कहें की कोई भी दुख कोई भी रोग हमें तीन ताप के कारण होता है और तीन ताप का नाश केवल कबीर परमात्मा ही कर सकते हैं
पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है


मनुष्य के बुरे कर्म जब बढ़ जाते हैं तो प्रकृति उससे नाराज हो जाती है और फिर उस पर कहर बरसाना शुरू कर देती है
ब्रह्मा विष्णु महेश पाप कर्म को नहीं काट सकते मृत्यु शैया पर पहुंच चुके रोगी को ये जिंदा नहीं कर सकते क्योंकि ये सीमित शक्ति के भगवान हैं वह असीमित शक्ति के भगवान तो कबीर परमेश्वर है जो किसी भी खतरनाक बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकते हैं

ऋग्वेद मंडल नंबर 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में लिखा है कि यदि रोगी मृत्यु के निकट पहुंच गया हो तो भी पूर्ण परमात्मा (कविर्देव) अपनी शरण में आए हुए साधक के रोग को नष्ट करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है
पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के अवतार जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर भक्ति करने से असाध्य रोग से ग्रसित व्यक्ति भी तुरंत ठीक हो जाता है


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Wednesday, July 15, 2020

शास्त्र विरुद्ध साधना व्यर्थ

पवित्र श्रीमद भगवद गीता अध्याय 6 के श्लोक 16 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन ये भक्ति, योग साधना ना तो अधिक खाने वाले की ओर ना ही बिल्कुल ना खाने वाले की सफल हो सकती। अर्थात व्रत आदि करना व्यर्थ साधना है 

शास्त्र विरुद्ध पूजा व्यर्थ

 पवित्र श्रीमद भगवद गीता अध्याय 16 श्लोक 23 और 24 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि अर्जुन शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं उनको न तो किसी प्रकार का लाभ मिलता और ना ही उनके कोई कार्य सिद्ध होते तथा ना ही वे मोक्ष को प्राप्त कर सकते!

शास्त्र अनुकूल भक्ति क्या है

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 17 के श्लोक 23 में गीता ज्ञान दाता ने ओम, तत्, सत ये तीन मंत्र मोक्ष के बताएं हैं इन तीन मंत्रों के जाप से ही मुक्ति संभव है तथा इसके अलावा गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में कहा है की उस तत्वज्ञान को तू उन तत्वदर्शी संत के पास जाकर समझ उनको भली-भांति दंडवत प्रणाम करने से वे तुझे तत्वज्ञान का उपदेश करेंगे और फिर जैसे वे साधना बताएं वैसे भक्ति साधना कर उसी से तेरा मोक्ष संभव है


पूर्ण परमात्मा (अविनाशी पुरुष) कौन है

वेद गवाही देते हैं की 6 दिन में सृष्टि की रचना करने वाला पाप कर्मों को हरण करने वाला, वह सर्वोउत्पादक प्रभु कबीर साहिब है जो सतलोक के तीसरे मुक्तिधाम में राजा के समान सिंहासन पर विराजमान है

ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह सर्वोत्पादक प्रभु , सृष्टि की रचना करने वाला, पाप कर्मो को हरण करने वाला राजा के समान दर्शनीय है 👉इससे सिद्ध हुआ कि परमात्मा साकार है

पवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है


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Wednesday, July 8, 2020

True Guru Saint Rampal Ji

पूर्ण गुरु के बिना मोक्ष संभव नहीं

यह तो सभी जानते हैं कि गुरु के बिना मुक्ति नहीं हो सकती पूर्ण मोक्ष के लिए हमें गुरु बनाना अति आवश्यक है। जैसा कि इतिहास गवाह है कि बड़े-बड़े महापुरुषों ने भी गुरु धारण किया है श्री राम और श्री कृष्ण ने भी गुरु धारण किया था। यानी हमें इस लोक से पार होने के लिए गुरु बनाना अति आवश्यक है यहां तक की कबीर जी स्वयं परमात्मा होते हुए भी उन्होंने स्वामी रामानंद जी को गुरु धारण किया था। इनको गुरु धारण करने की कोई आवश्यकता भी नहीं थी, लेकिन गुरु परंपरा और भक्ति मर्यादा को बनाए रखने के लिए उन्होंने गुरु धारण किया था।
 

लेकिन आज भक्त समाज के सामने सबसे बड़ी समस्या ये है कि वह पूर्ण संत सच्चा आध्यात्मिक गुरु कौन हो सकता है। 

दुनिया के सभी देशों में भारत एक ऐसा देश है जहां अनेकों धर्म और  समुदाय को माना जाता है। और यही कारण है कि भारत में हजारों लाखों व्यक्ति गुरु पद पर विराजमान है, लेकिन हमें यह जानना बेहद जरूरी होगा कि उन हजारों लाखों की भीड़ में आखिर वह सच्चा आध्यात्मिक गुरु कौन है, जी हां हमें सबसे पहले यह जानना होगा कि उस संत का ज्ञान शास्त्रों से कितना मेल खाता है यदि जिसका ज्ञान वेद और शास्त्रों से मेल खाता है और जिनको पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति हुई है वह वास्तव में सच्चा अध्यात्मिक गुरु है जी हां दोस्तों इस दुनिया में वह महान संत तथा अध्यात्मिक  गुरु केवल जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज है जिनका ज्ञान वेद और शास्त्रों से मेल खाता है तथा जिनको परमात्मा की प्राप्ति हुई। 
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Wednesday, July 1, 2020

History of Namdev

एक समय की बात है नामदेव नाम का एक भगत था जो परमेश्वर कबीर जी का शिष्य बना। कबीर परमेश्वर जी का शिष्य बनने से पहले नामदेव जी ओम नाम का जाप करते थे तथा देवी-देवताओं की पूजा किया करते थे। 

उसके बाद एक दिन उनको परमेश्वर कबीर जी मिले जैसा कि सूक्ष्म वेद में बताया गया है कि वह परमात्मा पूर्व जन्मों के शुभ संस्कारी प्राणियों को सतलोक से आकर मिलते हैं उनको अपना तत्वज्ञान समझाते हैं और फिर उन्हें मोक्ष का रास्ता दिखाते हैं

 ठीक इसी प्रकार एक समय कबीर परमेश्वर जी नामदेव जी को मिले तथा जैसी उनकी भक्ति में आस्था थी उसी आस्था को मध्य नजर कबीर परमेश्वर ने उनको ओम नाम जाप करने को दिया। तथा नामदेव जी ओम नाम का जाप करने लगे। 

एक समय की बात है एक मंदिर में आरती पूजा चल रही थी, तो नामदेव जी उस रास्ते से गुजर रहे थे, नामदेव जी की आत्मा इतनी आत्मविभोर हो उठी कि उस मंदिर के पीछे बैठकर अपनी चप्पलों से घंटी बजाने लगे तब कबीर परमेश्वर जी ने अपने भगत की आस्था और इस मर्यादा को बनाए रखने के लिए उस मंदिर को ही घुमा दिया था यानी नामदेव जी जिस मंदिर के पीछे बैठे थे उस मंदिर का मुंह नामदेव जी की तरफ कर दिया। 


इस प्रकार कबीर परमेश्वर जी अपनी भक्ति मर्यादा और लोगों में भगवान की आस्था बनाए रखने के लिए अपने भक्तों के साथ ऐसे ऐसे चमत्कार करते रहते हैं। 

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Wednesday, June 24, 2020

True Spritual Knowledge

अब्राहिम सुल्तान अधम ➖

एक समय की बात है कबीर परमेश्वर जी जब इस धरती पर अवतरित हुए थे तब सेऊ, समन और नेकी ने उनकी शरण ग्रहण की थी। तथा परमेश्वर के बताए अनुसार भक्ति साधना कर रहे थे, कबीर परमेश्वर जी एक संत की लीला करके अपना ज्ञान प्रचार कर रहे थे उस पूर्ण परमात्मा सत्पुरुष के बारे में यथार्थ सच्चाई समाज को बता रहे थे तथा पाखंड को समाप्त कर रहे थे। उस समय काफी श्रद्धालुओं ने कबीर परमेश्वर जी के चमत्कारों को देखकर उनकी शरण ग्रहण की थी जिनमें से सम्मन सेऊ और नेकी एक ही परिवार के तीन भगत कबीर जी के शिष्य बने थे, तथा जन-जन तक परमेश्वर के ज्ञान को फैला रहे थे। 
    एक समय कबीर परमेश्वर जी और उनके दो सेवक उनके द्वार पर आ गए तब उनके घर पर संतो को आहार कराने के लिए आटा भी नहीं था तो कबीर परमेश्वर जी तथा सेवकों को भोजन कराने के लिए समन ने अपने पुत्र सेऊ की बलि भी दे दी थी। तथा पुनः परमेश्वर ने उसे जीवित कर दिया था। तब सेउ, सम्मन और नेकी को तो परमेश्वर ने इसी जन्म में पार कर दिया तथा सम्मन के मन में एक उत्सुकता रह गई कि यदि मैं धनी होता मेरे पास धन होता तो मुझे अपने बेटे का सिर नहीं कलम करना पड़ता, तब अंतर्यामी परमेश्वर ने उसके मन की बात जानकर उसे अगले जन्म में 9 शेरवा का बादशाह बना दिया तथा 70 गंज धन दे दिया। एक गंज में कई करोड़ धन होता है। तथा मालामाल कर दिया। 
     उस जन्म में फिर परमेश्वर उनको मिले तथा भक्ति की प्रेरणा की लेकिन उस जन्म में भी समन वाली आत्मा पार नहीं हो पाई तथा फिर अगला जन्म सुल्तान अधम के नाम से बलख बुखारा इराक में उनका जन्म हुआ तथा फिर परमेश्वर उनको मिले और भक्ति की प्रेरणा की उनको कई बार परमेश्वर मिले और अंततः उस जन्म में सुल्तान अधम को परमेश्वर ने पार कर दिया। 
परमात्मा कबीर साहिब जी बताते हैं
भक्ति बिना क्या होत है ये भ्रम रहा संसार! 
रति कंचन पाया नहीं रावण चलती बार!!
अवश्य देखें 👉ईश्वर टीवी चैनल रात्रि 8:30
मनुष्य जन्म का मिलना बहुत ही दुर्लभ है यदि मनुष्य जन्म मिलने के बाद प्राणी पूर्ण परमात्मा की भक्ति नहीं करता है तो उसे अत्यधिक कष्टों का सामना करना पडता है इसी का नतीजा आप देख रहे हैं कोरोनावायरस
वर्तमान समय में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत, पूर्ण गुरु केवल संत रामपाल जी महाराज है जो वेद और शास्त्रों के अनुसार यथार्थ भक्ति मार्ग बता रहे हैं
इस दुनिया में संत रामपाल जी महाराज एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जिन्होंने शास्त्रों में छुपे हुए गूढ़ रहस्यों को भक्त समाज के सामने बताया है
अधिक जानकारी के लिए देखिए👉 साधना टीवी चैनल शाम 7:30 बजे

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Sukshm Ved

Sukshm Ved

सूक्ष्म वेद (स्वसमवेद बोध)

पवित्र हिंदू धर्म के साथ-साथ अन्य धर्मों में भी पवित्र वेदों को विशेष माना जाता है पवित्र चारों वेद पूर्ण परमात्मा की महिमा का ही बखान करते हैं लेकिन इन चारों वेदों में वर्णित विधि से पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति नहीं हो सकती पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति सूक्ष्मवेद में वर्णित विधि से होती है जिसके विषय में पवित्र श्रीमदभगवद गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि हे अर्जुन उस तत्वज्ञान को जो सूक्ष्म वेद में वर्णित है उस ज्ञान को तू तत्वदर्शी संत के पास जाकर समझ वह तत्वदर्शी संत तुझे उस परमात्म तत्व का ज्ञान कराएंगे
पवित्र गीता अध्याय 15 के श्लोक 4 में भी कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के पश्चात परमेश्वर के उस परमपद की खोज करनी चाहिए जहां जाने के बाद साधक कभी लौटकर इस संसार में नहीं आते अर्थात पूर्ण मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं
सृष्टि के प्रारंभ में सागर मंथन के दौरान ज्योति निरंजन (काल) ब्रह्म (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के पिता की श्वासों के माध्यम से चारों वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) प्रकट हुए थे तब ज्योति निरंजन, (ब्रह्म) ने देखा कि इन वेदों में तो पूर्ण परमात्मा की संपूर्ण जानकारी लिखी हुई है तब उसने पूर्ण परमात्मा के विशेष ज्ञान को इन वेदों में से हटा दिया यानी सूक्ष्म वेद के रहस्य को समाप्त कर दिया

 जब इस काल भगवान ने पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर के यथार्थ ज्ञान को वेदों में से समाप्त कर दिया था तब उस परमेश्वर ने उसी पांचवे वेद (जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं) का ज्ञान ज्यों का त्यों बताने के लिए स्वयं इस पृथ्वी लोक पर अवतरित होते हैं कवियों की तरह आचरण करते हैं और अपना ज्ञान अपने मुख कमल से दोहो, लोकोक्तियों और चौपाइयों के माध्यम से सुनाते हैं और परमेश्वर के उस ज्ञान को महापुरुषों द्वारा संग्रहित कर लिया जाता है और फिर उसे एक ग्रंथ का रूप दे दिया जाता है जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं
इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी अपनी महिमा और सतलोक के बारे में यथार्थ जानकारी देते हैं
 कबीर परमेश्वर जी कहते हैं कि
 वेद मेरा भेद है मैं ना मिलूं वेद से नाही
और जोन वेद से मैं मिलूं ये वेद जानते नाहीं

अर्थात इन चारों वेदों में (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का पूर्ण ज्ञान नहीं है इनके अलावा एक सूक्ष्म वेद और है जिसमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति यानी काल जाल से मुक्त होने का रास्ता बताया गया है कबीर परमेश्वर के ज्ञान की पहचान इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से होती है

पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में इस धरती पर अवतरित होते हैं वे सशरीर आते हैं और सशरीर चले जाते हैं उनकी परवरिश के लिए कंवारी गायों से होती है अर्थात कुंवारी गायों के दूध से ही उनका पालन पोषण होता है
कबीर परमात्मा अपना मुख्य उद्देश्य लेकर इस धरती पर अवतरित होते हैं और वे बचपन से ही बड़े-बड़े ऋषि महर्षियों के अध्यात्म ज्ञान में छक्के छुड़ा देते हैं उनके तत्वज्ञान के सामने कोई भी ऋषि महर्षि टिक नहीं पाते और वे प्रत्येक युग में अपनी प्यारी आत्माओं को मिलते हैं तथा उनको सतलोक अपना निज धाम दिखाते हैं पूर्ण अध्यात्म ज्ञान से परिचित करवाते हैं और फिर उनको अपना गवाह तैयार कर लेते हैं
कबीर परमेश्वर जी कहते हैं

 जो देखेगा मेरे धाम को
 सो जानत है मुझ

सूक्ष्म वेद के माध्यम से परमेश्वर ने बताया है कि

हिंदू तुरक आदिक सब जेते जीव जहान
 सतनाम की साख गहै पावैं पद निर्बान

यथा सरीतगण आपही मिलै सिंधु में धाय
 सत सुकृत के मध्य तिमी सबही पंथ समाय

कबीर परमेश्वर जी ने इस वाणी के माध्यम से बताया है कि जिस प्रकार से वर्षा के दिनों में छोटी मोटी नदी नाले सभी मिलकर एक दरिया का रूप ले लेते हैं यानी सभी छोटी मोटी नदियां भी उस समय एक बड़ी नदी का रूप धारण कर लेते हैं अर्थात उसी बडी दरिया में समा जाते हैं ठीक इसी प्रकार कबीर परमेश्वर जी ने बताया है कि जब मेरा अंश कलयुग में अवतार लेगा यानी जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब ये सभी नकली पंथ जो भिन्न-भिन्न नाम से चल रहे हैं उस समय ये सभी मेरे द्वारा चलाए गए असली कबीर पंथ में इस प्रकार आकर समा जाएंगे जैसे छोटी मोटी नदी नाले एक बड़ी दरिया में समा जाते हैं

सबही नर नारी शुद्ध तब जब ठीक का दिन आवंत
कपट चातुरी छोड़कर शरण कबीर गहंत

एक अनेक हो गए पुनः अनेक हो एक
हंस चलैं सतलोक को सब सतनाम की टेक

घर-घर बोध विचार हो दुर्मति दूर बहाए
कलयुग एक है सोई बरतै सहज सुभाए

कहां उग्र कहां शूद्र हो हर सबकी भवभीर
सो समान समदृष्टि है समरथ सत्य कबीर

जबलग पूर्ण होए नहीं ठीक का तिथी वार
कपट चातुरी तबहिलों स्वसमवेद निराधार

सूक्ष्म वेद की इस वाणी के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी ने बताया है कि धर्मदास जो मैं आज यह बात कह रहा हूं कि यह सभी पंथ समाप्त हो जाएंगे एक ही कबीर पंथ रह जाएगा एक ही भगवान की भक्ति किया करेंगे और कपट, चतुराई, रागद्वेष, चोरी - जारी सभी प्रकार के झगड़े समाप्त हो जाएंगे जाति धर्म  के भेदभाव समाप्त हो जाएंगे घर-घर में पूर्ण परमात्मा की भक्ति किया करेंगे और सभी नर और नारी शुद्ध हो जाएंगे उनमें दोष नहीं रहेगा तो ये मेरा वचन सूक्ष्म वेद के माध्यम से कही गई ये वाणी जब तक कलयुग 5505 वर्ष नहीं बीत जाएगा तब तक तो यह निराधार ही नजर आएंगे और जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब ये वाणी सच साबित होगी


पांच सहंस अरू पांच सो जब कलयुग बीत जाए
महापुरुष फरमान तब जग तारण को आए

 इस वाणी के माध्यम से  कबीर परमेश्वर जी कह रहे हैं कि हे धर्मदास जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा तब उस समय एक महापुरुष अवतार लेगा जो पूरे विश्व का कल्याण करेगा उस महापुरुष के बारे में दुनिया भर के विश्वविख्यात भविष्यवक्ताओं ने भी भविष्यवाणी कर कहां है कि 1950 के बाद भारतवर्ष में जन्मा एक  संत पूरी दुनिया को बदल डालेगा
🎇नार्वे के भविष्यवक्ता आनंदाचार्य ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि एक शक्तिशाली संस्था भारत में प्रकाश लाएगी जिसका स्वामी ग्रहस्त परिवार मे जन्मा संत होगा
 उस महान संत का ज्ञान पूरे विश्व को मानना पड़ेगा

🎇जयगुरूदेव पंथ के प्रवर्तक संत तुलसीदास जी ने साकाहारी पत्रिका में 28 अगस्त 1971 को एक भविष्यवाणी लिखी है कि उस महापुरुष का जन्म भारतवर्ष के एक छोटे से गांव में हो चुका है और वह मानव इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति बनेगा उस महापुरुष को इतना बड़ा समर्थन प्राप्त होगा कि आज तक किसी को नहीं मिला
🎇प्रसिद्ध भविष्यवक्ता डॉक्टर जुलर्वन ने कहा है कि भारत से उठी ज्ञान की क्रांति नास्तिकता को खत्म करके आध्यात्मिकता को बढ़ावा देंगी और उस महान संत के अनुयाई देखते ही देखते एक संस्था के रूप में संपूर्ण विश्व पर अपना प्रभाव जमा लेंगे
इसके अलावा
🎇फ्रांस के सुप्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने कहा है कि मैं आपको स्पष्ट
कर दूं कि आप उस महान संत की अपेक्षा ना करें उसे आराध्य देव मानकर पूजा करना आपके लिए बहुत हितकारी होगा क्योंकि वह आदि पुरुष पूर्ण परमात्मा का अंश दुनिया का तारणहार होगा

सूक्ष्म वेद में आगे परमेश्वर ने बताया है कि
बारहवें पंथ प्रगट हवै वाणी
 शब्द हमारे का निर्णय ठानी

अस्थिर घर का मर्म ना पावे
ये बारह पंथ हमहीं को ध्यांवैं

बाहरवें पंथ हम ही चल आवैं
सब पंथ मिट एक ही पंथ चलावै

प्रथम चरण कलयुग निरयाना
 तब  मगहर मांडौ मैदाना

धर्मराय से मांडौ बाजी
 तब धरि बोधो पंडित काजी

बावन वीर कबीर कहाऊं भवसागर से जीव मुकताऊं

सूक्ष्म वेद में परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि
चौथा युग जब कलयुग आई तब हम अपना अंश पठाई

 काल फंद छूटै नर लोई
 सकल सृष्टि परवानिक होई

 घर-घर देखो बोध विचारा
 सत्यनाम सब ठोर उचारा

पांच हजार पांच सौ पांचा
तब यह वचन होगा सांचा

 कलयुग बीत जाए जब येता
सब जीव परम पुरुष पद चेता

अर्थात कबीर परमेश्वर जी धर्मदास जी को मिले उनको तत्वज्ञान से परिचित करवाया तब परमेश्वर ने कहा था कि धर्मदास जब कलयुग 5505 वर्ष बीत जाएगा ये सभी 12 नकली पंथ समाप्त हो जाएगे फिर उसी 12वें पंथ में आगे हम ही चलकर आएंगे और एक ही कबीर पंथ चलेगा और उसी से पूरे विश्व का कल्याण होगा
कबीर परमेश्वर जी ने धर्मदास जी से कहा था कि एक बार कलयुग में जो मैंने ठीक का समय निर्धारित कर रखा है वो समय आने दे तब अचानक से इस ज्ञान का विस्फोट होगा उसके बाद  धर्मदास जी को परमेश्वर कबीर जी पर पूर्ण विश्वास हुआ और परमेश्वर जी ने धर्मदास जी को नाम उपदेश दे दिया और सतनाम सारनाम का भेद भी बता दिया
 तब परमेश्वर ने धर्मदास जी से कहा था कि
 धर्मदास मेरी लाख दुहाई
ये मूल ज्ञान कहीं बाहर ना जाही

 मूल ज्ञान बाहर जो परही बिचली पीढी हंस नहीं तरही

 पवित्र ज्ञान तुम जग में बांटो मूल ज्ञान गोई तुम रांखो

 इस मूल ज्ञान को तुम तब तक छुपाई
जब तक द्वादश पंथ ना मिट जाई

कबीर परमेश्वर जी ने धर्मदास जी से यह कसम दिलाई थी कि धर्मदास तुझे मेरी लाख बार कसम है यदि तूने इस सतनाम और सारनाम को उजागर कर दिया तो बिचली पीढ़ी यानी कलयुग मैं जो मैंने ठीक का समय निर्धारित कर रखा है उस समय ये जीव पार नहीं हो पाएंगे इसलिए जब तक  कलयुग में काल द्वारा चलाए गए 12 नकली पंथ समाप्त नहीं हो जाए तब तक तू इस सतनाम और सारनाम के भेद को गुप्त रखना

परमेश्वर कबीर जी ने कलयुग को तीन चरणों में बांटा है
 प्रथम चरण - जब परमेश्वर 1398 में काशी (बनारस) में आए थे और 1518 में मगहर से सशरीर सतलोक चले गए थे वह कलयुग का प्रथम चरण था
उसके बाद कलयुग 5505 वर्ष जब समाप्त होगा तब कलयुग का दूसरा चरण शुरू होगा वर्तमान में कलयुग का दूसरा चरण चल रहा है
 तथा अंतिम चरण कलयुग के अंत में होगा

वेदों में पूर्ण परमात्मा की पहचान ➖

पवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह सर्वोत्पादक प्रभु , सृष्टि की रचना करने वाला, पाप कर्मो को हरण करने वाला राजा के समान दर्शनीय है 👉इससे सिद्ध हुआ कि परमात्मा साकार है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 86 मंत्र 17 18 ,19 और 20 में प्रमाण है कि परमात्मा कबीर साहेब है
अथर्वेद कांड नंबर 4 अनुवाद 1 मंत्र 7 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब है
यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 1 ,6 और 8 में प्रमाण है कि परमात्मा साकार है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 82 मंत्र 1 में लिखा है कि वह परमात्मा पृथ्वी आदि लोकों के चारों तरफ शब्दायमान हो रहा है और वह अच्छी आत्मा को जो दृढ़ भक्त हैं उनको प्राप्त होता है
ऋग्वेद मंडल 9 सुक्त 94 श्लोक 4 में लिखा है कि वह परमात्मा अपने भक्तों को ज्ञान देने के लिए सशरीर आता है और सशरीर चला जाता है

पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है
ऋग्वेद मंडल 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब शास्त्र अनुकूल साधना करने वाले साधक के असाध्य रोग को ठीक करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है
अवश्य देखिए 👉साधना टीवी चैनल रात्रि 7:30 बजे
पवित्र कुरान शरीफ सुरत फुर्कानी 25 आयत नंबर 52 से 59 में स्पष्ट लिखा है कि यह कबीर अल्लाह वही समरथ परमात्मा है जिसने संपूर्ण सृष्टि की रचना 6 दिन में की


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Tuesday, June 23, 2020

Kabir Parmeshwar Ji is Real God

जगन्नाथ रथ यात्रा 2020➖

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में बड़ी धूमधाम से निकाली जा रही है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं, 
वही जगन्नाथ पुरी के राजा गजपति महाराज ने सोने की झाडू से सफाई करके 'छेरा-पहंरा' की रस्म अदा कर दिया धार्मिकता का परिचय। 

जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला ➖

23 जून मंगलवार को पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला बदल दिया है। कोरोना महासंकट के चलते इस वर्ष भी सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी है। इससे पहले हम आपको बता दें कि 18 जून को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा था, ''यदि  इस साल हमने रथ यात्रा की इजाजत दी तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे।
 कोरोना महामारी के दौरान इतना बड़ा समागम नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच ने ओडिशा सरकार से कहा है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राज्य में कहीं भी यात्रा, तीर्थ या इससे जुड़े गतिविधियों की इजाजत ना दें।

जगन्नाथ मंदिर का एक सेवक मिला कोरोना पॉजिटिव ➖

ओडिशा के कानून मंत्री प्रताप जेना ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, जगन्नाथ पुरी मंदिर के सभी पुजारियों और सेवकों का कोरोना टेस्ट किया गया। जिसमें एक सेवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद उसे रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है।

पुरी जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा से पहले हुआ सैनेटाइजेशन ➖

सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखने की हिदायत दी है, तथा यात्रा निकालते समय दो रथों के बीच 1 घंटे का डिस्टेंस और रथों को खींचने के लिए 500 व्यक्तियों की इजाजत दी है। इसके अलावा मंदिर के आसपास सभी जगहों को सैनिटाइज किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पूरे शहर को बुधवार कल दोपहर 2:00 बजे तक सील कर दिया गया है। तथा इस बार भक्तों को  रथ यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी गई, शहर के लोग घरों में बंद टीवी के माध्यम से ही देख रहे हैं रथ यात्राएं। 

जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट ➖

मुख्य सचिव अजय त्रिपाठी और पुलिस महानिदेशक के अतिरिक्त राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी रथयात्रा का जायजा लेने पुरी पहुंच गए हैं। पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि नौ दिवसीय उत्सव में सुरक्षा के लिए पुलिस बल की 50 से अधिक प्लाटून तैनात की जा रही हैं। बल की एक प्लाटून में 30 पुलिस कर्मी शामिल हैं।
उड़ीसा राज्य के पुलिस महानिदेशक अभय ने कहा कि पुरी और बाहर के, सभी श्रद्धालु यात्रा को टेलीविजन पर देख सकते हैं। इस बीच पुरी के सभी प्रवेश बिन्दु सील कर दिए गए हैं, और यात्रा तैयारियों से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य किसी वाहन को आवागमन की अनुमति नहीं है।  राज्य के पुलिस महानिदेशक ने लोगों से अपील की कि वे कोविड-19 महामारी के बीच रथयात्रा का जश्न मनाने के दौरान उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करें। 

जगन्नाथ रथ यात्रा को सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी ➖

सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकालने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य मुद्दों के साथ बिना समझौता किए और मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ रथ यात्रा आयोजित की जाएगी। बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को हुई सुनवाई में पुरी में 23 जून को होने वाली रथयात्रा को कोरोना महामारी के कारण रोक लगा दी थी।
   लेकिन कोर्ट के फैसले को लेकर कई पुनर्विचार याचिकाएं लगाई गई। जिस पर आज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने पुराने फैसले को पलटते हुए जगन्नाथ रथ यात्रा को कुछ शर्तों के साथ निकालने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर ओडिशा सरकार को लगता है कि कुछ चीजें हाथ से निकल रही हैं तो वो यात्रा को रोक सकते है।
   
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि, भगवान जगन्नाथ के भक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गजपति महाराज से बात की। मोहंती ने बताया, मुझे आशा है कि उच्चतम न्यायालय इस साल पुरी में रथ यात्रा आयोजित करने की मंजूरी दे देगा। उन्होंने कहा है कि अमित शाह ने उत्सव के साथ जुड़ी धार्मिक भावनाओं को लेकर भी देव के साथ बातचीत की। पुरी की रथ यात्रा में हर साल दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं।
कोलकाता में मंदिर परिसर में ही निकाली गई जगन्नाथ रथयात्रा➖ 

कोरोना संक्रमण के चलते कोलकाता के इस्कॉन मंदिर परिसर में ही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। बता दें कि कोरोना के चलते देशभर में धार्मिक आयोजनों पर रोक लगी हुई है।

गुजरात में जगन्नाथ रथयात्रा को नहीं मिली इजाजत➖

गुजरात हाईकोर्ट ने अहमदाबाद में जगन्नाथ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी है। कोर्ट ने कहा है कि रथयात्रा नहीं निकलने से विश्वास खत्म नहीं हो जाएगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जेबी परदीवाला की बेंच ने कहा, 'यदि रथयात्रा नहीं होती है तो विश्वास खत्म नहीं हो जाएगा। आस्था इतनी कमजोर नहीं हो सकती। श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बिना यात्रा का कोई अर्थ नहीं है। इसकी अनुमति नहीं दी जाती।' बेंच ने कहा कि रथ यात्रा सिर्फ जगन्नाथ मंदिर परिसर तक ही सीमित रहेगी। मंदिर परिसर में एक वक्त में सिर्फ 10 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति होगी। यही नहीं थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति होगी।
     रथयात्रा में गुजरात के CM विजय रुपाणी भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रथयात्रा निकालने की अनुमति मांगी गई थी। लेकिन कोर्ट से इंकार के बाद इसे मंदिर परिसर में ही आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इस दौरान लोगों की ज्यादा भीड़ नहीं होने दी जाएगी और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा।

रामनाथ कोविंद ने रथयात्रा को लेकर दी शुभकामनाएं ➖ 

जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। तथा राष्ट्रपति ने ट्वीट कर लिखा है कि "मैं कामना करता हूं कि प्रभु जगन्नाथ की कृपा, कोविड 19 का सामना करने के लिए हमें साहस व संकल्प शक्ति प्रदान करे। और हमारे जीवन में स्वास्थ्य और आनंद का संचार करे।"
पीएम मोदी ने दी रथयात्रा की शुभकामनाएं ➖

पीएम मोदी ने आज ट्वीट कर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने कहा कि यह आयोजन देशवासियों के जीवन में खुशी, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए।

Wednesday, June 17, 2020

Who is Complete God

जन्माष्टमी 2020 ➖

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मथुरा (उत्तर प्रदेश) में विष्णु अवतार श्री कृष्ण का जन्म हुआ श्री कृष्ण के जन्म के दिन को जन्माष्टमी के नाम से जाना जाता है। और जन्माष्टमी के इस अवसर को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, श्री कृष्ण जी द्वापर युग में आए थे, कृष्ण जी का जन्म जेल में हुआ था, माना यह जाता है कि माता देवकी की 7 कन्याओं के बाद विष्णु अवतार श्री कृष्ण का जन्म हुआ, कृष्ण जी देवकी की आठवीं संतान थी और खुद उनके मामा कंस उनके शत्रु बन गये। कभी जरासिंध कभी चाणोर तो कभी कालयवन एक के बाद एक ने श्री कृष्ण के साथ युद्ध किया जब तक वह मथुरा में रहे तब तक उनको सुख का सांस नहीं लेने दिया। 
   अंत में श्री कृष्ण ने द्वारिका गुजरात मैं जाकर अपना समय व्यतीत किया। 

2020 में जन्माष्टमी कितनी तारीख को है ➖

      इस वर्ष सन् 2020 में जन्माष्टमी मंगलवार 11 अगस्त को मनाई जाएगी

सीमित शक्ति के भगवान श्री कृष्ण ➖

     जब पांडव जुआ में हार चुके थे तब भरी सभा में द्रोपती का चीर हरण किया जा रहा था, तब परमेश्वर कबीर जी ने ही श्री कृष्ण के रूप में द्रोपती की साड़ी बढ़ाई थी। 
इसके बाद जब पांडवों ने अश्वमेध यज्ञ की तो ब्रह्मा विष्णु महेश, 33 करोड़ देवी देवता 88 हजार ऋषि तथा खुद श्री कृष्ण भी उस यज्ञ में भोजन खा चुके थे लेकिन फिर भी उनका शंख नहीं बजा, तब कबीर परमेश्वर जी ने अपने भगत सुपच सुदर्शन का रूप धारण करके उस यज्ञ में भंडारा किया तब वह संख बजा और पांडवों की यज्ञ सफल हुई। 

असीमित शक्ति के भगवान कबीर परमेश्वर ➖

     श्री कृष्ण जी के भोजन खाने से भी वह शंख नहीं बजा क्योंकि ये सुप्रीम पावर नहीं है ये सीमित शक्ति के भगवान हैं।
श्री कृष्ण जी ने अपने बचपन के दोस्त सुदामा की एक मुट्ठी चावल खाकर उसका सुंदर महल बना दिया और कबीर परमेश्वर जी ने तैमूरलंग की एक रोटी खाकर उसको 7 पीढ़ी का राज्य दे दिया। 
कृष्ण जी सीमित शक्ति के भगवान हैं क्योंकि यह विष्णु अवतार थे और ब्रह्मा विष्णु महेश उनकी ताकत सीमित है 
   ये किए हुइ कर्म को नहीं काट सकते भाग्य में परिवर्तन नहीं कर सकते अपने किए कर्म का फल इन्हें खुद को भी भुगतना पड़ता है क्योंकि ये काल के अधीन है। 
ब्रह्मा विष्णु महेश नाशवान है दुर्गा इनकी माता है और काल ज्योति निरंजन इनका पिता है वह असीमित शक्ति का भगवान कबीर परमेश्वर जी है जो साधक के घोर पाप को पल भर में समाप्त कर देता है तथा यदि रोगी मृत्यु शैया के निकट भी पहुंच गया हो तो उसे स्वस्थ करके 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है ये गुण समरथ परमात्मा में होते हैं 


कबीर परमेश्वर जी ही वह अविनाशी परमेश्वर है जो कभी जन्म मृत्यु में नहीं आता वह परमेश्वर प्रत्येक युग में इस धरती पर सशरीर अवतरित होते हैं तथा वे कभी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेते तथा उनका शरीर पांच तत्वों से बना हुआ नहीं है। 
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Monday, June 15, 2020

Live Updates

Russia oil news

रूसी तेल रिफाइनरी उत्पादन में कटौती की सहमति देने के लिए शनिवार को पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन में शामिल हुआ रूस

दुनियाभर में अप्रैल और मई में कोरोनावायरस के चलते तेल की कीमतों में हुई गिरावट के कारण दुनिया के कई प्रमुख तेल उत्पादकों ने शनिवार को रिकॉर्ड तेल उत्पादन में कटौती के लिए सहमति व्यक्त की

ओपेक ने समाचार विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सामान्य समय में वैश्विक उत्पादन का लगभग 10% मिलियन बैरल जुलाई के मध्य से काटने का हुआ समझौता

तेल उत्पादन में कटौती के लिए ओपेक और रूस हुआ सहमत

तेल उत्पादकों की एक बार फिर से बढ़ सकती है चिंता तेल बाजार में अगले महीने हो सकती है भारी गिरावट

ओपेक की बैठक के दौरान सऊदी अरब के तेल मंत्री राजकुमार अब्दुल अजीज बिन सलमान ने तेल की बढ़ती कीमतों पर जताई चिंता

अगले महीने से मूल सौदे में बढ़ोतरी की अनुमति होना हुआ लगभग तय 

नए समझौते के चलते तेल उत्पादकों की चिंताएं एक बार फिर से बढ़ सकती हैं

कोरोना वायरस महामारी ने  दुनिया भर में कारखानों को बंद कर दिया है जिसके कारण तेल की मांग में भारी गिरावट आई है 
वहीं दूसरी तरफ WSJ ने तेल की कीमतों में वृद्धि की व्याख्या की है जो ऊर्जा बाजारों को फिर से खोल सकता है

कोरोनावायरस के चलते दुनिया की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना निवेशकों के लिए हो रहा है कठोर साबित 

वहीं शनिवार को ओपेक ने जुलाई के मध्य से अपने रिकॉर्ड तेल उत्पादन के प्रतिबंधों के विस्तार को अंतिम रूप दिया 

लीबिया के अधिकारियों ने कहा कि 5 महीने तेल उत्पादन बंद होने के बाद उन्होंने अपने सबसे बड़े तेल क्षेत्र में फिर से तेल का उत्पादन शुरू कर दिया

दुनिया के दो बड़े दिग्गजों ने शनिवार को ओपेक के दूसरे सबसे बड़े तेल उत्पादक इराक पर दबाव डाला कि वह उत्पादन में प्रतिदिन लगभग 1 मिलियन बैरल की कटौती करने की प्रतिबद्धता का पालन करेगा

विश्लेषकों ने अनुमान लगाया कि इराक एक दिन में कई हजारों बैरल से उस लक्ष्य को गायब कर रहा है

वहीं ओपेक ने य़ह चेतावनी भी दी है कि तेल उत्पादन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी

शुक्रवार को व्यापारियों के एक नए सौदे की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड दोनों लगभग 6% बढ़ गये
वेस्ट टेक्सोस क्रूड के लिए $ 39.55 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड के लिए $ 42.30 प्रति बैरल दर्ज हुआ

अप्रैल के अंत में तेल की कीमतों में हुई गिरावट के कारण वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड के साथ अमेरिकी मानक नकारात्मक क्षेत्र में गिर गया
और ब्रेंट क्रूड अंतर्राष्ट्रीय बेंच मार्क $ 20 प्रति बैरल से नीचे आ गया

सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में क्रम प्रशासन द्वारा अप्रैल माह में हुए तेल उत्पादन में प्रतिदिन 9 पॉइंट 7 मिलियन बैरल की कटौती करने पर सहमति व्यक्त की

मेक्सिको को बाहर करने के लिए अगले महीने के अंत तक $ 9.4 मिलियन दैनिक बैरल के सामूहिक कटौती के लिए जारी हुआ नया पैक्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल उद्योगों में नुकसान के बारे में चिंतित रियाद और मास्को को तुरंत प्रभाव से अपना दृष्टिकोण बदलने और सहयोग के लिए फिर से प्रेरित किया

अभी भी टैंक खेतों मैं और जहाजों पर मौजूद है तेल के विशाल भंडार जो बाजार में ला सकते हैं तेल की बहुत बड़ी क्रांति

Saturday, June 13, 2020

नहीं थम रहा कोरोनावायरस का कहर

कोरोनावायरस

पंजाब में कोरोना का कहर ➖

पंजाब में कोरोनावायरस के बढ़ते कहर को लेकर सरकार ने एक बार फिर से सख्त कदम उठाया है और पूरे पंजाब में लॉक डाउन की घोषणा कर दी है सरकार के काफी सख्त कदम उठाने के बावजूद भी पंजाब में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। 

पंजाब में कोरोना के आंकड़े ➖
पिछले 24 घंटे में 82 नए मामलों के साथ अब पंजाब में कोरोनावायरस के संक्रमित लोगों की संख्या 2887 हो गई हैं जबकि अब तक 55 लोगों की मौत हुई है कोरोना संकट के चलते पंजाब सरकार ने राज्य में ई पास अनिवार्य कर दिया है
पंजाब सरकार ने कोरोनावायरस के कहर को मध्धेनजर रखते हुए ट्रांसपोर्टेशन पर भी रोक लगा दी है। 
    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चेतावनी दी है कि कोरोनावायरस एक बहुत ही घातक बीमारी है इसका कोई इलाज नहीं है सुरक्षा और सावधानी ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है। 

पंजाब सरकार ने किया राशन वितरित➖

वही कोरोनावायरस महामारी के चलते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से 1414 मैट्रिक टन गेहूं और 1414 मिट्रिक टन दालों के साथ 2 महीने के लिए प्रवासी मजदूरों, गरीब गैर-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लाभार्थियों को वितरण के लिए कहा है। 

पंजाब सरकार ने जारी किए सख्त आदेश ➖
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आदेश पारित कर कहा कि जिन लोगों के पास ई-पास होगा केवल उन्हीं को कहीं पर आने - जाने की अनुमति दी जाएगी तथा दिल्ली से आने वाले लोगों को कोरोना टेस्ट का सर्टिफिकेट भी दिखाना होगा
हालांकि यह लोक डाउन लोकडाउन - 1 जितना शख्त नहीं होगा इसमें काफी छूट भी दी जाएंगी पंजाब सरकार ने आदेश जारी कर कहा कि वीकेंड और पब्लिक होलीडे पर पूरी तरह से लोकडाउन रहेगा। 
पंजाब सरकार का कड़ा फैसला ➖
 सरकारी अवकाश के अलावा शनिवार और रविवार को पूरे राज्य में सभी दुकानें, और बाजार बंद रहेंगे तथा घर से निकलने पर पूरी तरह पाबंदी रखी जाएगी शनिवार-रविवार को दो दिन दूध-दवाई जैसी आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर शहर पूरी तरह बंद रहेगा पंजाब सरकार ने आदेश जारी कर कहा कि यदि दूध और दवाई की दुकानों को छोड़कर शनिवार और रविवार को यदि कोई भी दुकान खुली मिली तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
हालांकि पंजाब सरकार ने यह भी साफ कहा है कि  सरकारी इकाइयां हफ्ते के सातों दिन खुली रहेगी इसके अलावा सरकार ने गाइडलाइन जारी कर कहा कि मेडिकल स्टॉफ और आवश्यक सेवा प्रदाताओं को छोड़कर अन्य सभी नागरिकों को COVA app से ई-पास डाउनलोड करना होगा अनिवार्य । 

कोरोनावायरस के बाद भारत का जीडीपी दर ➖

      कोरोनावायरस ने दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था को खराब कर दिया है इस वायरस ने भारत की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से पटरी पर ला दिया कोरोनावायरस के आने के बाद से ही भारत की अर्थव्यवस्था का स्तर काफी नीचे आ गया है लोकडाउन के बाद से उद्योग धंधे, फैक्ट्रियां, होटल सरकारी कामकाज सब बर्बाद हो चुके हैं जिनका सीधा असर देश की जीडीपी पर देखने को मिला है शुरुआती वर्ष 2019 - 20 में देश की जीडीपी दर  4.2% प्रतिशत दर्ज की गई तथा इसके बाद 2020 की शुरुआती तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 3.1 फीसदी ही रह गई जो कि मोदी सरकार के 2014 से सत्ता में आने के बाद सबसे कम दर्ज हुई।
 
    पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पंजाब सरकार ने छोटी सजा भुगत रहे कैदियों की रिहाई का फैसला लिया था लेकिन अब उसने अमृतसर की सेंट्रल जेल में बंद आतंकी दविंदरपाल सिंह भुल्लर को 42 दिन के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया है। उसे सरकारी वाहन में उसके आवास पर छोड़ दिया गया। भुल्लर को फांसी सजा मिली थी जो सुप्रीम कोर्ट से उम्रकैद में बदल दी है।

Wednesday, June 10, 2020

True Spritual Knowledge

  • Holy Bible
पवित्र ईसाई धर्म में बाइबल को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है पवित्र बाइबल में तीन पुस्तकों का संग्रह है (तोरात, इंजिल और जंबूर) 
इन्हीं पवित्र पुस्तकों के आधार पर ईसाई धर्म में भक्ति साधनाएं की जाती है
पवित्र ईसाई धर्म में भी कुछ लोग अल्लाह का आदेश बताकर मांस खाते हैं जो कि बिल्कुल गलत है

मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं➖

उस परमेश्वर ने पवित्र बाइबल में कहीं पर भी मांस खाने का आदेश नहीं दिखा
पवित्र बाइबल उत्पत्ति ग्रंथ पृष्ठ 2 पर लिखा है कि जितने भी बीज वाले पेड़ और उन पेड़ों में जितने बीज वाले फल है वे मनुष्य के भोजन के लिए है इसमें मांस खाने का आदेश कहीं नहीं लिखा
क्या ईसा मसीह भगवान थे➖

     ईसा मसीह जी ने अपने जीवन में भक्ति साधना तो खूब की ईसा मसीह जी ने अपने जीवन में सच्चाई के लिए खूब संघर्ष किया परंतु ब्रह्म के फरिश्तों को सच्चाई रास नहीं आई और अंततः ईसा मसीह जी को कृष कर दिया गया क्योंकि ईसा मसीह की साधना शास्त्र विरुद्ध थी यदि उनकी साधना शास्त्र अनुकूल होती तो उनको ऐसी खतरनाक सजा नहीं भुगतनी पड़ती
हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व निर्धारित थी ईसा मसीह जी ने खुद यह कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा 12 शिष्यों में से एक मुझे विरोधियों को पकड़ाएगा और ऐसा ही हुआ
यीशु मसीह जी को उनके ही 12 शिष्यों में से एक खास शिष्य ने ₹30 के लालच में उनको सूली तुड़वा दिया
 यदि यीशु की भक्ति सही होती तो उनकी मृत्यु दर्दनाक तरीके से नहीं होती
कौन है सर्वशक्तिमान परमेश्वर ➖

   अभी तक ईसाई धर्म मैं ईसा मसीह जी को भगवान का अवतार माना जाता है ईसाई धर्म के लोगों का मानना है कि ईसा मसीह जी ने ही सारी सृष्टि की रचना की है और वे ही भगवान है जबकि हमारे पवित्र वेदों में प्रमाण है कि वह अल्लाह, रब, भगवान कभी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता जबकि ईसा मसीह जी ने अपनी मां मरियम के गर्भ से जन्म लिया था वह भगवान नहीं हो सकता 
वह सर्वशक्तिमान, पूर्ण परमात्मा जिसने सारी सृष्टि की रचना की अर्थात जिसके बारे में पवित्र बाइबल उत्पत्ति ग्रंथ पृष्ठ नंबर 2 अध्याय 1:20 - 2:5 में लिखा है कि छठवें दिन पूर्ण परमात्मा कविर्देव ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया और फिर सृष्टि रचना शुरू हुई
इससे ये भी सिद्ध होता है कि वह परमात्मा साकार है और वही असंख्य ब्रह्मांडों का तथा इस सृष्टि का जनक है जो कभी मां के गर्भ से जन्म नहीं लेता और वह कभी जन्म मृत्यु में नहीं आता अर्थात वह अचल अविनाशी परमात्मा है
वेदों में लिखा है कि जब धरती पर धर्म की हानि होती है तब परमात्मा कविर्देव काल के अज्ञान रूपी किले को तत्व ज्ञान रूपी शस्त्र से तोड़ कर अध्यात्म ज्ञान प्रकट करते हैं और वही पूर्ण परमात्मा सर्व के पूजा करने योग्य है
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Sunday, June 7, 2020

True God

jagat guru saint rampalji

विष्णु अवतार श्री राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था ये तीन लोक के देवता है तथा वशिष्ठ मुनि इनके राजगुरु थे और पौराणिक कथाओं के आधार पर श्री राम को शिवजी का उपासक माना जाता है लेकिन वास्तविकता तो यह है कि विष्णु जी को परमेश्वर कबीर जी मिले थे तथा उन्होंने विष्णु जी को एक मंत्र दिया था उसी मंत्र का जाप विष्णु जी करते हैं

ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों नाशवान है दुर्गा इनकी माता है ज्योति निरंजन, काल (ब्रह्म) इनका पिता है 



कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में अपने निज लोक सतलोक से चलकर इस धरती पर सशरीर अवतरित होते हैं और सत भक्ति के मंत्रों का आविष्कार करते हैं 

इस कलयुग में पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी आज से 623 साल पहले काशी बनारस (उत्तर प्रदेश) में लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर ज्येष्ठ सुधी पूर्णमासी को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में निसंतान दंपत्ति नीरू और नीमा को मिले

वह परमेश्वर प्रत्येक युग में सशरीर सतलोक से चलकर आते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं




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Saturday, June 6, 2020

Real God Is Kabir

सूक्ष्म वेद में परमेश्वर ने कहा है कि
तीर तुपक तलवार कटारी जमधड जोर बंधावैं है ।
काटैं शीष नहीं दिल करुणा जग में साध कहावैं है।। 

एक बार हर की पेडी हरिद्वार में कुंभ के मेले का आयोजन हुआ जिसके अंदर ये त्रिगुणमई उपासक गिरी, पुरी, नागा, वैष्णव और होरी ये सभी समूह कुंभ में स्नान के लिए पहुंच गए
 सर्वप्रथम वैष्णव साधक स्नान करने लगे तब तमोगुण उपासक नागाओं ने कहा कि हम सर्वश्रेष्ठ है हम त्यागी और बैरागी है हम निःइच्छा है इसलिए हम पहले स्नान करेंगे तब वैष्णव उपासको ने कहा कि तुम कहां के श्रेष्ठ हो तन पर राख लगाए पशु की तरह नंगे फिरते हो बाहर निकलो प्रथम हम स्नान करेंगे इस बात को लेकर दोनों दल आपस में लड़ पड़े और 25000 तमोगुण उपासक आपस में कटकर समाप्त हो गये
 इसके विषय में परमेश्वर ने कहा है कि इन नकली संतों ने समाज को गुमराह कर रखा है उनके पास सत्य साधना नहीं है


अधिक जानकारी के लिए देखिए👉 साधना टीवी चैनल शाम 7:30 बजे 

Thursday, June 4, 2020

5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

Real God Is Kabir 

जब इस काल भगवान ने पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर के यथार्थ ज्ञान को वेदों में से समाप्त कर दिया था तब उस परमेश्वर ने उसी पांचवे वेद (जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं) का ज्ञान ज्यों का त्यों बताने के लिए स्वयं इस पृथ्वी लोक पर अवतरित होते हैं कवियों की तरह आचरण करते हैं और अपना ज्ञान अपने मुख कमल से दोहो, लोकोक्तियों और चौपाइयों के माध्यम से सुनाते हैं और परमेश्वर के उस ज्ञान को महापुरुषों द्वारा संग्रहित कर लिया जाता है और फिर उसे एक ग्रंथ का रूप दे दिया जाता है जिसे सूक्ष्म वेद कहते हैं

इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से कबीर परमेश्वर जी अपनी महिमा और सतलोक के बारे में यथार्थ जानकारी देते हैं
 कबीर परमेश्वर जी कहते हैं कि
 वेद मेरा भेद है मैं ना मिलूं वेद से नाही
और जोन वेद से मैं मिलूं ये वेद जानते नाहीं

अर्थात इन चारों वेदों में (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का पूर्ण ज्ञान नहीं है इनके अलावा एक सूक्ष्म वेद और है जिसमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति यानी काल जाल से मुक्त होने का रास्ता बताया गया है कबीर परमेश्वर के ज्ञान की पहचान इसी सूक्ष्म वेद के माध्यम से होती है

पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में इस धरती पर अवतरित होते हैं वे सशरीर आते हैं और सशरीर चले जाते हैं उनकी परवरिश के लिए कंवारी गायों से होती है अर्थात कुंवारी गायों के दूध से ही उनका पालन पोषण होता है
कबीर परमात्मा अपना मुख्य उद्देश्य लेकर इस धरती पर अवतरित होते हैं और वे बचपन से ही बड़े-बड़े ऋषि महर्षियों के अध्यात्म ज्ञान में छक्के छुड़ा देते हैं उनके तत्वज्ञान के सामने कोई भी ऋषि महर्षि टिक नहीं पाते और वे प्रत्येक युग में अपनी प्यारी आत्माओं को मिलते हैं तथा उनको सतलोक अपना निज धाम दिखाते हैं पूर्ण अध्यात्म ज्ञान से परिचित करवाते हैं और फिर उनको अपना गवाह तैयार कर लेते हैं

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Monday, June 1, 2020

5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

त्रेता युग में मुनींद्र ऋषि रूप में आए कबीर परमेश्वर जी ने मानसिक रोग से ग्रस्त नल और नील को ठीक कर दिया था और इसी प्रकार आज भी संत रामपाल जी महाराज की शरण में आए हुए लाखों अनुयायियों की कैंसर तक की बीमारी ठीक हो चुकी
दिल्ली के सम्राट सिकंदर लोदी को जलन का भयंकर रोग था जो किसी भी साधु - संत, पीर महात्मा से ठीक नहीं हो रहा था दुनिया भर की दवाई भी ले चुके थे
 और कबीर परमेश्वर जी ने सिकंदर लोदी के जलन के रोग को आशीर्वाद मात्र से ठीक कर दिया था 
अधिक जानकारी के लिए देखिए👉 साधना टीवी चैनल शाम 7:30 बजे

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Sunday, May 31, 2020

5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

परमेश्वर कबीर जी को उबलते हुए तेल के कढ़ाए में डालकर मारने की नाकाम कोशिश की गई लेकिन वह परमेश्वर अजर, अमर और अविनाशी थे


कबीर परमेश्वर को खूनी हाथी से मरवाने की कूचेष्टा की गई लेकिन परमेश्वर कबीर जी के फूल तक की चोट नहीं आई क्योंकि वह समरथ परमात्मा थे

Saturday, May 30, 2020

5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

सर्व सृष्टि के पालनकर्ता कबीर परमेश्वर जी अपने नियमानुसार प्रत्येक युग में इस धरती पर अपनी भक्त आत्माओं में पुनः भक्ति बीज को उजागर करने के लिए सशरीर सतलोक से चलकर आते हैं
जो लीला आज से 600 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर जी किया करते थे तथा उनके ज्ञान का जवाब ज्ञान से ना देकर उनके साथ वाद-विवाद करते थे ठीक वहीं स्थिति आज संत रामपाल जी महाराज के साथ हो रही है

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Friday, May 29, 2020

5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस

कबीर परमेश्वर जी प्रत्येक युग में अपने निज लोक सतलोक से चलकर इस धरती पर सशरीर अवतरित होते हैं और सत भक्ति के मंत्रों का आविष्कार करते हैं 
इस कलयुग में पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी आज से 623 साल पहले काशी बनारस (उत्तर प्रदेश) में लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर ज्येष्ठ सुधी पूर्णमासी को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में निसंतान दंपत्ति नीरू और नीमा को मिले
वह परमेश्वर प्रत्येक युग में सशरीर सतलोक से चलकर आते हैं और सशरीर ही चले जाते हैं

Tuesday, May 19, 2020

जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए जा रहे पवित्र कार्य ➖

21वी सदी आधुनिक युग में एक तरफ दुनिया भगवान की संविधान को भूलकर नास्तिक होती जा रही है  आधुनिक युग की दौड़ में आज का युवा भ्रमित हो चुका है वह अपने समाज और कुल की मर्यादाओं को भी भूल चुका है अश्लीलता ने पूरी दुनिया में पैर पसार लिए हैं ऐसे में लोग भगवान को भूल चुके हैं
वही दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने उन लोगों में भगवान के प्रति विश्वास को पुनः जागृत किया है और समाज में एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य किए हैं और कोरोना जैसी महामारी के चलते निशुल्क भंडारे का वितरण भी कर रहे हैं
21वीं सदी में एक तरफ जहां लोग महंगी शादी करना पसंद करते हैं और अरबों रुपए  दहेज में खर्च करते हैं जिससे माता-पिता पूरी उम्र तक दुख पाते हैं अरबों रुपया दहेज में देकर कर्ज़ मोल ले लेते हैं जिस कारण से उनको टेंशन घेर लेती है और फिर वे नशा करने लगते हैं जिस कारण से लोगों में बेचैनी और अशांति बनी हुई है
लेकिन वहीं दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य कर दिखाए हैं
चाहे दहेज प्रथा को मिटाना हो, नशे जैसी बीमारी को समाप्त करना हो, समाज में बढ़ते अपराधों चोरी - जारी, रिश्वतखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और भ्रष्टाचार को समाप्त करना हो इत्यादि

Thursday, May 14, 2020

भारत का पुनरुत्थान

भारत को पूर्व में सोने की चिड़िया कहा जाता था क्योंकि भारतवर्ष पर शुरू से ही संतों की कृपा रही है
 सन 1950 से पहले भारत में चोरी - जारी, लूटा खसोट, दंगे और अपराध बिल्कुल भी नहीं होते थे लेकिन 1950 के बाद भारत में जैसे ही शिक्षा ने कदम रखा तो उसके बाद से ही लोगों में अशांति नजर आने लगी है
वर्तमान में इस शिक्षा ने युवा वर्ग को पूरी तरह से बेचैन कर रखा है लोगों में आपसी प्यार नहीं रहा समाज में चोरी - जारी, व्यभिचारी, लूट खसोट और अपराध बढ़ गए हैं
इस विज्ञान ने हमें नास्तिक बना डाला हमें भगवान से कोसों दूर कर दिया लेकिन वहीं दूसरी तरफ भारतवर्ष में जन्में एक संत ने लोगों में भगवान के प्रति विश्वास को पुनः जागृत किया है और वेदों और शास्त्रों की यथार्थता से समाज को परिचित करवाया है
 जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से अब समाज में अपराधों में गिरावट आई है संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि व्यभिचार करने वाला रिश्वतखोरी लूट खसोट करने वाले प्राणी का कभी उद्धार नहीं हो सकता वह अपने जीवन में कभी खुश नहीं रह सकता संत जी के तत्वज्ञान से अब समाज में एक बार फिर से लोगों में धार्मिक भावनाएं जागृत हुई है
 जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक ज्ञान से अब भारत फिर से सोने की चिड़िया और विश्वगुरु के रूप में विख्यात होगा

Tuesday, May 12, 2020

बीमारी उसका कारण और इलाज

मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती है बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती हैं  (कैंसर,कोविड-19, टीबी, एड्स आदि)
या हम यूं कहें  की कोई भी दुख कोई भी रोग हमें तीन ताप के कारण होता है और तीन ताप का नाश केवल कबीर परमात्मा ही कर सकते हैं
पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के पूर्ण परमात्मा घोर पाप को भी नाश कर देता है
मनुष्य के बुरे कर्म जब बढ़ जाते हैं तो प्रकृति उससे नाराज हो जाती है और फिर उस पर कहर बरसाना शुरू कर देती है
ब्रह्मा विष्णु महेश पाप कर्म को नहीं काट सकते मृत्यु शैया पर पहुंच चुके रोगी को ये जिंदा नहीं कर सकते क्योंकि ये सीमित शक्ति के भगवान हैं वह असीमित शक्ति के भगवान तो कबीर परमेश्वर है जो किसी भी खतरनाक बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकते हैं
ऋग्वेद मंडल नंबर 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में लिखा है कि यदि रोगी मृत्यु के निकट पहुंच गया हो तो भी पूर्ण परमात्मा (कविर्देव) अपनी शरण में आए हुए साधक के रोग को नष्ट करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है
पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के अवतार जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नामदिक्षा लेकर भक्ति करने से असाध्य रोग से ग्रसित व्यक्ति भी तुरंत ठीक हो जाता है

अधिक जानकारी के लिए देखिए 👉साधना टीवी चैनल प्रतिदिन शाम 7:30 बजे
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Our savior is the God kabir

मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती है बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती हैं (कैंसर,क...