21वी सदी आधुनिक युग में एक तरफ दुनिया भगवान की संविधान को भूलकर नास्तिक होती जा रही है आधुनिक युग की दौड़ में आज का युवा भ्रमित हो चुका है वह अपने समाज और कुल की मर्यादाओं को भी भूल चुका है अश्लीलता ने पूरी दुनिया में पैर पसार लिए हैं ऐसे में लोग भगवान को भूल चुके हैं
वही दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने उन लोगों में भगवान के प्रति विश्वास को पुनः जागृत किया है और समाज में एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य किए हैं और कोरोना जैसी महामारी के चलते निशुल्क भंडारे का वितरण भी कर रहे हैं
21वीं सदी में एक तरफ जहां लोग महंगी शादी करना पसंद करते हैं और अरबों रुपए दहेज में खर्च करते हैं जिससे माता-पिता पूरी उम्र तक दुख पाते हैं अरबों रुपया दहेज में देकर कर्ज़ मोल ले लेते हैं जिस कारण से उनको टेंशन घेर लेती है और फिर वे नशा करने लगते हैं जिस कारण से लोगों में बेचैनी और अशांति बनी हुई है
लेकिन वहीं दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज ने एक के बाद एक समाज सुधार के कार्य कर दिखाए हैं
चाहे दहेज प्रथा को मिटाना हो, नशे जैसी बीमारी को समाप्त करना हो, समाज में बढ़ते अपराधों चोरी - जारी, रिश्वतखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और भ्रष्टाचार को समाप्त करना हो इत्यादि
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