तीर तुपक तलवार कटारी जमधड जोर बंधावैं है ।
काटैं शीष नहीं दिल करुणा जग में साध कहावैं है।।
एक बार हर की पेडी हरिद्वार में कुंभ के मेले का आयोजन हुआ जिसके अंदर ये त्रिगुणमई उपासक गिरी, पुरी, नागा, वैष्णव और होरी ये सभी समूह कुंभ में स्नान के लिए पहुंच गए
सर्वप्रथम वैष्णव साधक स्नान करने लगे तब तमोगुण उपासक नागाओं ने कहा कि हम सर्वश्रेष्ठ है हम त्यागी और बैरागी है हम निःइच्छा है इसलिए हम पहले स्नान करेंगे तब वैष्णव उपासको ने कहा कि तुम कहां के श्रेष्ठ हो तन पर राख लगाए पशु की तरह नंगे फिरते हो बाहर निकलो प्रथम हम स्नान करेंगे इस बात को लेकर दोनों दल आपस में लड़ पड़े और 25000 तमोगुण उपासक आपस में कटकर समाप्त हो गये
इसके विषय में परमेश्वर ने कहा है कि इन नकली संतों ने समाज को गुमराह कर रखा है उनके पास सत्य साधना नहीं है
अधिक जानकारी के लिए देखिए👉 साधना टीवी चैनल शाम 7:30 बजे
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