पूर्ण गुरु के बिना मोक्ष संभव नहीं
यह तो सभी जानते हैं कि गुरु के बिना मुक्ति नहीं हो सकती। पूर्ण मोक्ष के लिए हमें गुरु बनाना अति आवश्यक है। जैसा कि इतिहास गवाह है कि बड़े-बड़े महापुरुषों ने भी गुरु धारण किया है श्री राम और श्री कृष्ण ने भी गुरु धारण किया था। यानी हमें इस लोक से पार होने के लिए गुरु बनाना अति आवश्यक है यहां तक की कबीर जी स्वयं परमात्मा होते हुए भी उन्होंने स्वामी रामानंद जी को गुरु धारण किया था। इनको गुरु धारण करने की कोई आवश्यकता भी नहीं थी, लेकिन गुरु परंपरा और भक्ति मर्यादा को बनाए रखने के लिए उन्होंने गुरु धारण किया था।
लेकिन आज भक्त समाज के सामने सबसे बड़ी समस्या ये है कि वह पूर्ण संत सच्चा आध्यात्मिक गुरु कौन हो सकता है।
दुनिया के सभी देशों में भारत एक ऐसा देश है जहां अनेकों धर्म और समुदाय को माना जाता है। और यही कारण है कि भारत में हजारों लाखों व्यक्ति गुरु पद पर विराजमान है, लेकिन हमें यह जानना बेहद जरूरी होगा कि उन हजारों लाखों की भीड़ में आखिर वह सच्चा आध्यात्मिक गुरु कौन है, जी हां हमें सबसे पहले यह जानना होगा कि उस संत का ज्ञान शास्त्रों से कितना मेल खाता है यदि जिसका ज्ञान वेद और शास्त्रों से मेल खाता है और जिनको पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति हुई है वह वास्तव में सच्चा अध्यात्मिक गुरु है जी हां दोस्तों इस दुनिया में वह महान संत तथा अध्यात्मिक गुरु केवल जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज है जिनका ज्ञान वेद और शास्त्रों से मेल खाता है तथा जिनको परमात्मा की प्राप्ति हुई।
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अवश्य सुनिए संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन प्रतिदिन 👉साधना टीवी चैनल पर शाम 7:30 बजे
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